अनुपमा की जिंदगी में इस समय काफी ज्यादा भूचाल आया हुआ है। इस भूचाल से अनुपमा बाहरी तौर पर तो काफी मजबूती से लड़की हुई दिखाई दे रही है लेकिन अंदर से उसका बिल किस कदर टूटा हुआ है यह हम सभी जानते ही हैं।

अनुपमा ने बड़ी ही आसानी से कह दिया कि वह कोई मोम की गुड़िया नहीं है जो पिघल जाएगी। इसलिए वह अब आने वाली परिस्थिति का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार है। इस बात को जानने के बाद की अनुज उसकी जिंदगी में नहीं आने वाला अनुपमा अपनी राह तलाशने में जुट गई है।

दूसरी तरफ वनराज और काव्या के बीच भयानक झगड़ा हो जाता है जिसके बाद काव्या गुस्से में आकर वनराज का साथ छोड़ कर चली जाती है। इतना ही नहीं बल्कि वह वनराज शाह से यह भी कहते हुए जाती है कि एक समय ऐसा आएगा

जब वनराज के पास कोई नहीं रह जाएगा। काव्या की ऐसी बातें सुनकर वनराज शाह को काफी बड़ा झटका लगता है और उसे हार्ट अटैक आ जाता है। हार्ट अटैक आने के बाद तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।
वनराज अस्पताल में भर्ती होता है तब उसकी मां लीला अनुपमा को तुरंत फोन करती है और उसे इस बात की खबर देती है। अनुपमा भी वनराज का हाल-चाल पूछने के लिए अस्पताल पहुंच जाती है।
जैसे ही वनराज को होश आता है तो वह जागते ही सबसे पहले अनुपमा के बारे में पूछता है। तब लीला उसे बताती है कि अनुपमा भी तुमसे मिलने आई है। अनुपमा को देखते ही वनराज काफी ज्यादा खुश हो जाता है। लेकिन उसकी यह खुशी ज्यादा समय तक टिकने नहीं वाली। क्योंकि अनुपमा उसके पास रहने के लिए नहीं आई है।
अस्पताल में ही पाखी अनुपमा के पास जाकर उससे माफी मांगती है और कहती है कि वह अनुज को वापस लाने में नाकाम हुई। तब अनुपमा पाखी को समझाते हुए कहती है कि जरूरी नहीं है
कि आपको हर समय प्यार के बदले प्यार ही मिले। अनुपमा पाखी से कहती है कि वह कभी भी काव्या का गुस्सा ना करें। क्योंकि वनराज को हार्ट अटैक आने के पीछे का कारण काव्या ही है। लेकिन पाखी कभी भी काव्या का गुस्सा ना करें ऐसी सलाह अनुपमा ने पाखी को दी है।
