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Anupama || Rahi Refuses to Trust Prem || She breaks Her ties with Prem

by OP NEWS
January 24, 2025
in Entertainment
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आज की कहानी में हमें पराग कुठारी से मुलाकात के बाद यहां पर अनुपमा को दिखाया जाता है जहां पर वह पूरी तरह से आग बबूला हो जाती है और वह प्रेम से कहती हुई नजर आती है कि मुझे जो है वह तुम्हारे बारे में सब कुछ पता चल गया और तभी वह कहते हुए नजर आती है कि मैंने सोचा था कि पराग कोठारी ने पिछली गलतियों के लिए माफी मांगने के लिए मुझे फोन किया है उन्होंने मुझे बुलाया है ताकि वह मुझसे माफी मांगे लेकिन नहीं उस आदमी का जो घमंड है

ना और जो रवैया है वह वैसा का वैसा ही है लेकिन अच्छा हुआ कि मैं उनसे मिलने के लिए चले गई तभी तो मुझे तुम्हारी असलियत के बारे में पता लगा और मुझे यह पता लग गया कि तुम कितने ज्यादा झूठे हो और गुस्से में यहां पर अनुपमा जो है वो प्रेम को उसके पिता से इस मुलाकात के बाद झूठा कहते हुए नजर आती है और तभी यहां पर अनुपमा जो है वो राही से कहते हुए नजर आती है कि तुझे पता है कि इसके पिताजी ने मुझसे क्या-क्या कहा और यहां पर अनुपमा जो है वो सारी की सारी बातें जो है वो राही को बताते हुए नजर आती है

और यह भी बताते हुए नजर आती है कि उसके पापा ने कहा है कि तुम्हारी जो है वो हमारे बराबर औकात नहीं है और साथ ही साथ वो जो है वो प्रेम को अकेला ही भेजे ना कि किसी बंधन में बांधकर बिना किसी राही के और तभी यहां पर अनुपमा कहने लगती है कि जो हुआ है उसे बदल तो नहीं सकते ना लेकिन जो गलती हुई है उसे सुधार जरूर सकते हैं और प्रेम से कहने लगती है कि तुम्हारे पिताजी को लगता है कि तुम कोठारी हो इसीलिए हमने तुम्हें इस घर पर रखा हुआ है

और तुम्हारे पिताजी को लगता है कि हमने तुम्हें जो है वो उल्टी पट्टी पढ़ाकर जो है वो उनसे झगड़ा करने के लिए भेजा और तुम्हारे पिताजी को लगता है कि जिस तरीके से मैंने अनुज कपाड़िया को फंसाया था उसी तरीके से मैं अपनी बेटी के जरिए जो है वो तुम्हें फंसा रही हूं ताकि हम तुम्हारे पैसों में अयाशी कर सकें कहते वे नजर आती है कि चोरी का इल्जाम जो है वह एक बार बर्दाश्त कर दिया लेकिन बेटी के सौदे का इल्जाम जो है

ना वो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी और वह प्रेम से हाथ जोड़कर कहते हुए नजर आती है कि इसीलिए मैं तुमसे जो है वो हाथ जोड़कर विनती करती हूं तुम इस घर से जो है वो अभी निकल जाओ और मेरी बेटी की जिंदगी से जो है ना वो दूर चले जाओ लेकिन यहां पर प्रेम जो है वो बिना कोई धमाके किए बाहर नहीं निकलने वाला और वह अपनी छिपी हुई पहचान के बारे में सच कबूल करने के लिए रुकता हुआ नजर आता है

और अनुपमा को कहते हुए नजर है कि हां मैंने झूठ बोला और यह सब सुनने के बाद अनुपमा जो है ना वो हैरान रह जाती है और तभी यहां पर प्रेम जो है वो कहने लगता है कि हां मैं पराग कुठारी का बेटा हूं और आपका गुस्सा और नफरत जो है वो सब कुछ जायज है लेकिन मुझे सफाई देने के लिए मौका तो दो और कहने लगता है कि मुझे भी मौका चाहिए सफाई देने का और आपने जो है वो मुझसे वजह नहीं पूछी लेकिन मुझे आपको अपनी वजह बतानी है

कि मैंने झूठ क्यों बोला और जितना दर्द आपको यह सच सुनकर हो रहा है ना उतना ही ज्यादा दर्द मुझे छुपाकर हो रहा है और मैं उस टाइम से जो है वो गिल्ट पे मर रहा था दर्द में मर रहा था और मैं आपको जो है वो अनु मैम बोलता हूं और आपको मां मानता हूं और आपको तकलीफ में नहीं दिख सकता इसीलिए मैं माही से सगाई करने के लिए तैयार हो गया था जबकि मैं राही से प्यार करता हूं कहते हुए नजर आता है कि बहुत बार मैंने कोशिश की कि मैं

राही और आपको जो है वो सबको सच-सच बता दूं लेकिन क्या फायदा जब मेरी उस फैमिली से जो है वो कोई लेना देना ही नहीं है और जब मैं उनसे कोई रिश्ता ही नहीं रखना चाहता हूं और कहने लगता है कि राही ने जो है वो गुस्से में घर छोड़ा था और मैंने जो है वो नफरत में घर छोड़ा है क्योंकि मैं अपने बाप पराग कुठारी से नफरत करता हूं आई हेट माय फादर तो इससे पहले कि प्रेम जो है वह कुछ और बोल पाता तो अनुपमा जो है

व उसे चुप करा देती है और कहने लगती है कि वजह चाहे जो कुछ भी हो तुमने हमसे झूठ बोला और झूठ झूठ होता है और धोखा धोखा होता है और तुमने हमें जो है वो धोखा दिया है प्रेम और फिर यहां पर प्रेम भी कहने लगता है कि मैं मानता हूं कि झूठ झूठ होता है और धोखा धोखा होता है लेकिन मैंने झूठ बोला है किसी को धोखा नहीं दिया और कहने लगता है कि जरा खुद सोचिए कि कोठारी परिवार का एकलौता वारिस जो है

वो ऐसे अनाथ की तरह क्यों घूम रहा है हां और सारे ऐसो आराम हो सकते थे मेरे पास लेकिन फिर भी मैं जो है वो गौशाला में क्यों सो रहा हूं और आपको वजह नहीं जाननी तो फाइन लेकिन मुझे बताइए कि मैंने कब और किसे धोखा दिया है और कहते हुए नजर आता है कि सॉरी टू से मैम लेकिन इस घर में जो है वो चार-चार लड़कियां रह रही है लेकिन मैंने कभी भी किसी के साथ डीसेंसी की हथ पार की और पूछिए इनसे कि मैंने कभी भी इनसे जो है

वो कोई गलत बात की और इन्हें कभी गलत नजर से देखा और तभी यहां पर प्रेम जो है वो जोर देकर कहते हुए नजर आता है कि वह सब कुछ को सच-सच बताना चाहता था लेकिन परिस्थितियों में वह फंस गया और वह एक कोठारी होने की बात जो है वो स्वीकार करते हुए नजर आता है लेकिन कहते हुए नजर आता है कि उसने कभी भी सीमा पार नहीं की हालांकि यहां पर अनुपमा जो है वो उसके बातों से उसे इतनी आसानी से छोड़ने वाली कहां है

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और तभी यहां पर प्रेम जो है वो राही से भी कहते हुए नजर आता है कि मैं तुम्हें जो है वो सच बताने की कोशिश कर रहा था और आज सुबह भी मैं तुम्हें अन्नू की रसोई में यही सच बताने के लिए आया था लेकिन तब तक बीच में जो है वो अ तो शु सर और माही आ गए थे और इसी वजह से मैं तुम्हें कुछ बता नहीं पाया और तभी यहां पर राही भी कहने लगती है कि मैं पराग कोठारी का बेटा हूं यह छह वर्ड तुम बोल नहीं पाए और इसे बोलने में हार्डली कितने सेकंड लगते और कहने लगती है लेकिन तुमने मुझे नहीं बताया और यहां पर जो सिचुएशन है ना वो तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है जब राही जो है वो पूरी तरह से धोका महसूस करते हुए नजर आती है

और वो प्रेम को फाइनली जाने के लिए कहती हुई नजर आती है लेकिन यहां पर बापू जी जो है ना वो प्रेम को जाने से रोक लेते हैं कहने लगते हैं कि प्रेम जो है वह अपनी पूरी बात किए बिना जो है वह कहीं नहीं जाएगा और कहने लग करते हैं कि प्रेम को उसकी बात जो है वह पूरी करने दो और वहीं हमें दूसरी तरफ मोटी बा को दिखाया जाता है जहां पर वह पराग को कहते हुए नजर आती है कि कहीं अनुपमा से  मिलना जो है

वो गलत साबित ना हो जाए और हमारा बेटा प्रेम जो है वो पहले ही मां बेटी के चक्कर में फंसा हुआ है और वो हमसे रूठा हुआ है और अगर उसे यह पता चला कि तू जो है वो अनुपमा से मिलने के लिए गया था तो वो और भी ज्यादा रूठ जाएगा और तभी वहां पर पराग कहने लगता है कि तू क्या करूं बा मैं और क्या सोचेगा क्या करेगा इस डर से हम चुप बैठ जाएं और बेटे जो है वो बाप की मर्जी से चलते हैं बाप जो है वह बेटे की मर्जी से नहीं तभी वहां पर मोटी बा कहने लगती है

कि तू हमारी मर्जी से चल पराग और इतना बड़ा बिजनेस है और तू बिजनेस समाल और घर और रिश्ते जो है ना वो हम संभाल लेंगे और देख पराग प्रेम ने जो है वो अभी तक रिश्ते की डोर जो है वो सिर्फ छोड़ी है तोड़ी नहीं है और अगर वो डोर जो है वो तोड़ दे तो हम क्या करेंगे और कहने लगती है कि तूने भी तो अधेड़ उम्र में जो है वो प्यार किया था ना और तब तूने हमारी सुनी थी नहीं सुनी थी ना और ख्याती के साथ प्रेम में पढ़कर तू पहली बार जो है

वो हमारे खिलाफ गया था और पहली बार जो है वो तूने हमारा कहा नहीं माना था और प्रेम भी तो तेरा ही खून है ना ऊपर से जवानी का जोश और हम कह रहे हैं कि वो नहीं सुनेगा ना तेरी ना मेरी ना अनुपमा की और ना यहां तक कि भगवान की भी नहीं सुनेगा और कहने लगती है कि इस समय वैसे भी जो है वो अनुपमा का पलड़ा भारी है क्योंकि हमारा बेटा जो है ना वो उनकी तरफ है और इसीलिए हमें जो है वो हर कदम जो है वो फूंक-फूंक कर रखना होगा और तभी यहां पर प्राग भी कहने लगता है कि तो क्या चाहती है आप मैं अनुपमा जी के पैर पकड़ लूं और उन मां बेटी के सामने नाक र गड़क माफी मांगूं तो बा कहने लगती है

कि मेरी बात जो है ना वो ध्यान से सुन और समझ कभी-कभी पतंग को बचाने के लिए जो है ना वो ढील देनी पड़ती है और हमने जो है वो प्रेम की आंखों में जो है वो उन लोगों के लिए स्नेह और सम्मान देखा है ना वह हम में से किसी के लिए नहीं देखा और कहने लगती है कि प्रेम जो है वो उन लोगों से प्यार करता है और हमसे नफरत करता है इसका मतलब कि हम जो है वह पहले ही हारे हुए हैं और अगर जो है वो हमने उन लोगों से प्रेम को छीनने की कोशिश की तो हो सकता है कि हम जो है वो प्रेम को हमेशा हमेशा के लिए खो दे और इसीलिए हमें प्रेम को बिना छीने हुए जो है वह अपने पास लाना पड़ेगा और तभी हमें सीरियल में आगे जो है

वह राही को दिखाया जाता है जहां पर वो प्रेम से कहते हुए नजर आती है कि बापू जी ने कहा है तो बात जो है वो पूरी करते हैं और बात पूरी करके जो है वो खत्म करते हैं और कहने लगती है कि मेरी मम्मी ने जो है वो तुम्हें सरा कुू पर बैठाया और मुझे ट्रस्ट उशी थे फिर भी मैंने तुम परे ट्रस्ट किया और तुम्हें जो है वो मेरे पास्ट के बारे में सब कुछ पता था लेकिन मुझे जो है वो तुम्हारा पूरा नाम तक पता नहीं था और फिर भी मैं तुमसे जो है

वो शादी करने का लिए तैयार थी पूरी जिंदगी तुम्हारे साथ गुजारने के लिए तैयार थी और फिर यहां पर राही जो है वह प्रेम का कॉलर पकड़कर जोर-जोर से उसे कहते हुए नजर आती है कि तुमने जो है वो मुझे सच क्यों नहीं बताया प्रेम और फिर यहां पर राही जो है वो घर का सारा सामान जो है वो इधर-उधर फेंकने लगती है तभी वहां पर लीला बहन जो है ना उसे रोकने की कोशिश करती है और कहने लगती है कि बस कर राही तुझे चोट लग जाएगी लेकिन यहां पर राही जो है

वो कहते हुए नजर आती है कि चोट तो लग चुकी है बाह और तभी यहां पर राई जो है वो प्रेम से कहने लगती है कि जब हमारे रिश्ते की बात हो रही थी तब तुमने सच क्यों नहीं बताया जिंदगी भर के लिए जो रिश्ता जुड़ने वाला था तुम क्या चाहते थे कि वो रिश्ता जो है वो हमेशा के लिए झूठ की बुनियाद पर खड़ा रहे और वही हमें सीरियल में आगे जो है वो गौतम को दिखाया जाता है जहां पर वह प्रार्थना से कहते हुए नजर आता है कि तुम छुप-छुप के जो है वो अपने भाई से मिलती रही और मुझे जो है वो पता भी नहीं चलने दिया तभी यहां पर प्रार्थना भी कहते हुए नजर आती है कि मैं गलती से जो है वो एक दो बार उससे टकरा गई थी

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