तू कोठारिया के यहां गई थी और सत्यानाश लाश शरम बेचकर सब कुछ आ गई क्या तभी वहां पर पाख मैडम भी कहने लगती है कि तू आधी रात को प्रेम से मिलने के लिए गई थी और अब आ रही है और तभी वहां पर बा भी कहने लगती है कि अरे तुम्हारे अंदर अगर इतनी ही आग लगी है तो शादी क्यों नहीं कर लेती तभी वहां पर राही कहने लगती है
कि बा मैं सिर्फ मिलने के लिए गई थी हमने कुछ गलत नहीं किया है तो अनुपमा कहने लगती है कि कहीं रेस्टोरेंट में मिल लेते कैफे में मिल लेते तुझे वहां जाने की जरूरत क्या थी प्रेम को बुला लेती अपने से मिलने के लिए और तभी वहां पर बा कहने लगती है कि पूरी रात जो है वोह एक जवान लड़के के साथ थी तो देखने वाले लोग क्या कहेंगे तभी वहां पर माही कहने लगती है कि अरे कोठारिया के घर
तो कितनी ज्यादा टाइट सिक्योरिटी है तो उन्होंने अंदर कैसे जाने दिया आपको तभी वहां पर राही कहते हुए नजर आती है कि गार्ड वालों ने मुझे पहचानते थे और उन्होंने मुझे अंदर आने दिया और मैं सिर्फ प्रेम से बात करने के लिए गई थी लेकिन मुझे पता नहीं लगा कि कब प्रेम से बातें करते-करते जो है वो आंख लग गई और जब सुबह हुई तो मैं घर आ गई
हमें लगा कि मोटी बा ने जो है वो नहीं देखा है आई एम सॉरी मम्मी मुझे पता नहीं लगा तभी वहां पर अनुपमा कहने लगती है कि बात मोटी बा की देखने की है ही नहीं और तुझे जो है वो वहां पर नहीं जाना चाहिए था और तू और प्रेम जो है वो कितने ज्यादा समझदार है और भरोसा है मुझे तुम्हारे ऊपर लेकिन फिर भी जो है वो लोगों को बातें बनाने का मौका क्यों देना है
और फिर अनुपमा कहने लगती है कि तेरी इस हरकत से जो है वो उनके घर वाले क्या सोचेंगे तो यहां पर बा जो है वो अनुपमा को टोंट मारने लगती है और कहने लगती है कि अरे वही सोचेंगे बिन बाप की बेटी है मां समा नहीं पाई इसीलिए बेटी जो है वो आवारा हो गई और कहने लगती है कि वैसे ही उन्होंने जो है वो तेरे दो-दो तलाक में हमें कितने ताने सुनाए और अब कहेंगे कि जिसकी मां जो है
वो शादी से पहले अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिविंग रिलेशन में हो तो उसके बेटी जो है वो ना जाने क्या-क्या कर सकती है तभी वहां पर अनुपमा जो है वो बाग को चुप कराती है और यहां पर राही भी जो है वो अपनी मम्मी से माफी मांगते हुए नजर आती है और कहती है कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है मम्मी तभी वहां पर अनुपमा कहने लगती है कि जानती हूं
कि तूने कुछ गलत नहीं किया है लेकिन गलत दिखना भी जो है वह गलत होता है राही और फिर हम यहां पर देखते हैं कि अनुपमा जो है वो राही को समझा रही होती है उसकी क्लास ले रही होती है तभी वहां पर प्रेम आ जाता है और सॉरी कहते हुए नजर आता है और कहने लगता है कि हमें जो है वो ध्यान रखना चाहिए था और नादानी में हमसे गलती हो गई आगे से ऐसा कुछ नहीं होगा
