तभी हमें सीरियल में आगे जो है वोह अनुपमा और बा और बापूजी को दिखाया जाता है जहां पर वोह कोठारिया के घर पे शगुन लेकर आते हैं और फिर यहां पर नीता अनुपमा से पूछती है कि यह सब क्या है तो अनुपमा बताती है कि सॉरी हम बिना बताए आप लोगों को आ गए ये राही और प्रेम की शादी का सगुन है
और कहने लगती है कि उस दिन जो जो आपने राही से कहा था वो उसकी समझ में आ गया तो अब राही भी वही जाती है जो आप चाहते हैं और तभी वहां पर बापू जी भी कहते हुए नजर आते हैं कि उस दिन राही ने जो है वो शगुन लेने से मना कर दिया था इसीलिए आज हम खुद जो है वो शगुन लेकर आए हैं तभी वहां पर वसुंधरा कहते हुए नजर आती है कि हमने ऐसा कहा था कि हम ऐसा चाते हैं हमने कोई जबरदस्ती तो नहीं की थी
तभी वहां पर बा कहने लगती है कि नहीं नहीं आपने जो है वो कोई जबरदस्ती नहीं की अच्छा होगा कि आप जो है वो जल्दी से शादी कर दे वरना कल रात को जो हुआ वो बार-बार होगा तभी यहां पर वसुंधरा जो है वो सोच में पड़ जाती है है कि अचानक से इनका दिल क्यों बदल गया और वहीं पर लीला भी बीच में कहने लगती है क्योंकि अगर हम जो है वो देरी करते हैं तो कौन जानता है कि फिर आगे क्या हो सकता है तभी यहां पर प्राग जो है वो कहने लगता है
कि शादी जो है वो सिर्फ राही की नहीं हो रही है और राही ने जो है वो उस टाइम पे मना कर दिया था और प्रेम ने भी मना किया था तो अभी जो है वो प्रेम भी शादी के लिए तैयार नहीं है आप सब लोगों के सामने उसने पहले ही कहा था ना कि वो पहले अपना करियर बनाना चाहता है आप लोगों ने भी तो उस दिन जो है वो हजारों दलीलें दी थी और लंबे चौड़े भाषण दिए थे
और राही इस शादी के लिए तैयार होगी लेकिन प्रेम नहीं है और इसीलिए जो है वह हम भी तैयार नहीं हैं इसीलिए प्लीज आप अपना सगुन जो है वो वापस ले जाइए
