वह प्रार्थना को दिखाया जाता है जहां पर प्रेम की शादी को लेकर वह बहुत ही ज्यादा खुश होती है लेकिन गौतम उसे जो है वह भावनात्मक रूप से प्रता त करते हुए नजर आता है और पराग और बा ने जो है वो प्रार्थना से उसके ससुराल जाने का आग्रह किया लेकिन गौतम की कुछ और ही योजनाएं थी
उसने प्रार्थना से कहा कि प्रेम की शादी तक इंतजार करो जब तक तुम कोठारी के घर में हो मौज मस्ती करो और यह सब सुनने के बाद यहां पर प्रार्थना जो है वो गहरी सांस लेते हुए नजर आती है और व खुद से यह स्पष्ट करते हुए नजर आती है कि उसे अपनी शादी में जो है ना वो घुटन महसूस होती है
गौतम बहुत बड़ी साजिस कर रहा है प्रेम को वापस घरमे ना आने देने की और ये बात प्राथना को पता है इसलिए वो बहुत चिंता में के शादी हो जाए प्रेम की फिर गौतम कुछ कर नहीं पायेगा
