और तभी हमें सीरियल में आगे जो है वो कोठारी परिवार को दिखाया जाता है और तभी हम देखते हैं कि वहां पर प्रार्थना राजा बादशाह जो है वो प्रेम को चढ़ाते हुए नजर आते हैं उसकी शादी के बारे में और कहने लगते हैं कि अब तो तेरी टांग जो है वोह खींचनी बनती है ना तभी यहां पर प्रेम जो है वह मोटी बा के पास जाता है
और कहने लगता है कि बचाओ मोटी बा तो तभी वहां पर मोटी बा कहने लगती है कि सुनो सुनो बच्चों यह शादी का घर है तो यह हंसी मजाक जो है वो बिल्कुल रुकना नहीं चाहिए तभी वहां पर नीता कहने लगती है कि लो अब तो बा से भी परमिशन मिल गई तो लगे रहो फिर वहां पर अनिल भी कहने लगता है
प्रेम से कि शादी के कुछ ही दिन बाकी है अभी जो है वो एंजॉय कर ले वरना शादी के बाद जो है ना वो राही तेरी बैंड हो जाएगी तभी वहां पर नीता कहने लगती है कि सुन प्रेम तू जो है ना वो बच के रहना क्योंकि राही जो है वो मेरी तरह और भाभी की तरह सीधी साधी तो है नहीं तू एक कहेगा वो 100 कहेगी फिर वहां पर प्रेम कहने लगता है कि राही जो है ना वो ऐसे नहीं है तो अनिल कहने लगता है कि शादी से पहले मैं भी ऐसा सोचा करता था तो फिर वहां पर नीता भी जो है
वो अनिल को आंख दिखाने लगती है तो अनिल कहने लगता है कि सॉरी बेबी तो जैसे ही वो सॉरी बेबी कहता है तो प्रेम जो है वो अनिल को चिढ़ाने लगता है और कहने लगता है कि क्या बात है काका सो क्यूट और तभी हमें सीरियल में आगे जो है वो ख्याती और पराग को दिखाया जाता है जहां पर वो बच्चों के साथ प्रेम को हसी मजाक करते हुए देख रहे होते हैं तो ख्याती कहते हुए नजर आती है कल तक हम यह सोच रहे थे कि बेटा घर में आ जाए बस हमें और कुछ नहीं चाहिए पर इंसान का मन जो है
ना वो कभी भी नहीं भरता और जितना मिलता है ना उतना लालच जो है वो बढ़ता जाता है और अब जब बेटा घर आ गया है तो मन कर रहा है कि काश उसे गले लगाकर बधाई दे पाते और कम से कम उसके सर पर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद दे पाते और पता नहीं क्यों पर मेरा दिल कह रहा है कि राही के घर आने से जो है वोह सब कुछ ठीक हो जाएगा और उसी की वजह से जो है वह हमारा बेटा हमारे घर आया है और तभी हमें प्रेम को दिखाया जाता है
जहां पर प्रेम जो है वो उन सब से भाग रहा होता है और वह भागते भागते जो है वह अपना संतुलन खो देता है और पराग के गले लग जाता है और जैसे ही उसे पता लगता है कि व पराग के गले लग गया है गलती से तो वह गुस्सा होकर वहां से चला जाता है
