आज के एपिसोड की स्टार्टिंग में हम देखते हैं अनुपमा और किंजल दोनों किचन के अंदर होते हैं किंजल बोल रही होती है मम्मी छोटी सी बात का कितना बड़ा इशू बन गया अनुपमा बोल रही होती है हां किंजल बोल रही होती है मम्मी पूरा देश पानीपुरी खाता है और जो लोग नहीं खाते उनका भी तो मन करता है वह पानीपुरी खाए तो अनुपमा बोल रही होती है और अगर यही लोग श्रीनाथ जी के मंदिर में जाते हैं जहां पर प्रसाद खाते हैं
तो ये खुद के अलावा पास वाले लोगों के भी बर्तन साफ कर देते हैं लेकिन अगर घर के बच्चों ने अपने पानीपुरी के बर्तन साफ कर दिए तो इन लोगों को प्रॉब्लम हो गई अगर भगवान की सेवा करो तो सही लेकिन अगर इंसान की सेवा करो तो गलत किंजल बोल रही होती है मम्मी मैं तो कभी-कभी यह सोचती हूं राही ऐसी फैमिली में कैसे एडजस्ट कर पाएगी अनुपमा बोल रही होती है हां मुझे भी इसी बात का डर लगता है क्योंकि हर घर के रूल रेगुलेशन अलग होते हैं
पर ऐसे भी क्या रूल की खाने पर ही पाबंदी लग जाए अगर राही ने अपने आप को उस घर के अनुसार ढाला तो अपनी पहचान ही खो देगी हम देखते हैं तभी वहां पर राही आ जाती है राही बोल रही होती है मम्मी आप बिल्कुल भी फिक्र मत करो उन लोगों के बच्चों ने कभी ऐसे खाना नहीं खाया होगा जिस वजह से
उन्हें यह पसंद नहीं है लेकिन मुझे तो ऐसे खाना खाना पसंद है ना तो वह लोग मुझे क्यों ही रोकेंगे ठोकेंगे राई बोल रही होती है मम्मी ना तो कुछ गलत होगा और ना ही मैं कुछ गलत होने दूंगी अनुपमा सोचती होती है मुझे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा है लेकिन मुझे अजीब सा डर डर क्यों लगा रहता है
