प्रेम जो है वो राही को एक नया घर दिखाते हुए नजर आता है और कहने लगता है कि शादी के बाद जो है वो वो हम अब कोठारी के घर पे नहीं रहेंगे बल्कि इसी घर में रहेंगे और तभी वहां पर राही कहने लगती है
कि तुम ऐसा क्यों कह रहे हो प्रेम कुछ हुआ है क्या और तभी वहां पर प्रेम कहते हुए नजर आता है कि वही हुआ है जो हमेशा से होता हुआ आया है मेरे साथ और एक बार जो है वो फिर से धोखा हुआ है पहले जो है वो पराग कुठारी ने दिया था
और अब जो है वो मोती बाने दिया है और फिर यहां पर प्रेम जो है वो सारी की सारी बातें जो है वो राही को बताते हुए नजर आता है और तभी यहां पर राही कहने लगती है कि लेकिन प्रेम मोटी बाभी जो है वो अपनी जगह पर गलत नहीं है
तो प्रेम कहने लगता है कि क्या कहा तुमने तुम्हें क्या लगता है कि मोटे बा ने जो है वोह बिल्कुल सही किया और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया तो राही कहने लगती है कि पहले मेरी बात सुन तो लो तभी प्रेम कहने लगता है
कि क्या सुनू राही और तुम्हें पता भी है कि तुम क्या बोल रही हो और तुम जो है वो कोठारी हों के साइड ले रही हो और तभी यहां पर प्रेम जो है वो गुस्से से साइड हो जाता है और तभी हम देखते हैं कि यहां पर राही जो है वो प्रेम को मनाते हुए नजर आती है और तभी हम देखते हैं कि यहां पर राही जो है वो प्रेम को समझाते हुए नजर आती है
