यहां पर अनुपमा के पास ढेर सारा सामान शगुन लेकर पहुंच जाते हैं और कहते हैं कि देखिए जो कुछ भी हो उसे भूल जाइए अब इस पुरानी मिट्टी को दफन करके एक नई मिट्टी की शुरुआत करते हैं उस पर नया बीज बोते हैं और उसमे भी कोठारी की चाल लग रही है,
अनुपमा समाज तो जाती है पर कुछ बोल नहीं पायेगी, प्रेम के साथ हुई बत्तमीज़ी का बदला लेने के लिए राही के साथ बदला लेंगे आप हमारे बेटे के लिए इस शादी के रिश्ते के लिए आप हां कर दीजिए
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अब देखना दिलचस्प होगा कि अनुपमा इसमें उलझती है या नहीं क्योंकि यह रिश्ता उन्हें ठीक नहीं लग रहा
