टीवी सीरियल अनुपमा में रिश्तों के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक तरफ अनुपमा हमेशा अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को अलग रखने की कोशिश करती है, वहीं दूसरी ओर प्रेम का बढ़ता अहंकार हालात को और भी मुश्किल बना रहा है।
आने वाले एपिसोड में देखने को मिलेगा कि अनुपमा शादी का निमंत्रण पत्र देने के लिए प्रेम के पास पहुंचती है। वह चाहती है कि दोनों परिवारों के बीच मौजूद दूरियां खत्म हों और शादी का माहौल खुशी-खुशी आगे बढ़े। लेकिन प्रेम अपने गुस्से और ईगो को छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता।
कार्ड लेने के बजाय प्रेम एक ऐसी शर्त रख देता है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। वह कहता है कि अगर शाह परिवार चाहता है कि कोठारी हाउस के सदस्य इस शादी में शामिल हों, तो दिग्विजय को उसके सामने घुटनों के बल बैठकर माफी मांगनी होगी।
प्रेम की यह बात सुनकर अनुपमा का गुस्सा फूट पड़ता है। वह बिना किसी झिझक के प्रेम की इस नाजायज मांग को खारिज कर देती है। अनुपमा साफ शब्दों में कहती है कि दिग्विजय कभी भी किसी के सामने अपनी इज्जत से समझौता नहीं करेंगे और न ही किसी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए घुटने टेकेंगे।
अनुपमा का यह मजबूत और आत्मसम्मान से भरा जवाब दर्शकों को काफी पसंद आने वाला है। हमेशा की तरह इस बार भी उसने सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर दिखाया है। हालांकि प्रेम का यह रवैया दोनों परिवारों के बीच की दूरियों को और बढ़ा सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रेम अपने अहंकार को छोड़कर रिश्तों की अहमियत समझ पाएगा? क्या शादी से पहले दोनों परिवारों के बीच चल रहा यह विवाद खत्म होगा? या फिर प्रेम की जिद रिश्तों में नई दरार पैदा कर देगी?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले एपिसोड्स में देखने को मिलेंगे, लेकिन फिलहाल अनुपमा के आत्मसम्मान और उसके साहसी फैसले ने कहानी को एक नया और दिलचस्प मोड़ जरूर दे दिया है।
